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गंगा एक्सप्रेसवे .../ganga expressway

 गंगा एक्सप्रेसवे…

Ganga expressway…….


  उत्तर प्रदेश के शैक्षिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध प्रयागराज शहर में यूपी कैबिनेट ने कुंभ मेले के इस आयोजक स्थल पर बैठकर 29 जनवरी 2019 को मेरठ से प्रयागराज के बीच गंगा एक्सप्रेस वे के निर्माण को स्वीकृति दीl जिसकी आधारशिला खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर जिले में उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेस के रुप में रखी। यह एक ग्रीन फील्ड द्रुतगामी मार्ग है। जो कि अपने पहले फेज में मेरठ के बिजौली गांव के पास से शुरू होकर प्रयागराज के nh-19 पर जोधापुर दारू गांव के पास तक जाएगा।


         
Ganga expressway....



      एक्सप्रेस-वे ,सड़क नेटवर्क में सबसे उच्च वर्ग की सड़के होती हैं ।जो कि 6 से 8 लेन की होती है।एक्सप्रेस वे पर प्रवेश तथा निकासी को नियंत्रित रखा जाता है ,अर्थात कोई भी कहीं से भी इस  पर प्रवेश नहीं सकता और ना ही निकल सकता है ।इसके प्रवेश और निकासी के लिए सर्विस रोड बनाई जाती है जो कि राष्ट्रीय प्रेस में प्राधिकरण द्वारा संचालित की जाती है।भारत में लगभग 1455. 4 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे परिचालन में है।यह सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे प्राधिकरण द्वारा संचालित किया जाता है ।भारत में अन्य राष्ट्रों की तुलना में एक्सप्रेसवे का घनत्व भी बहुत कम है,परंतु वर्तमान सरकार अब यह समझ चुकी है कि किसी राष्ट्र के विकास में वहां पर उपस्थित कनेक्टिविटी के ऊपर निर्भर करती है। किसी भी राष्ट्रीय में लोगों की आवाजाही के लिए कनेक्टिविटी जितनी ही अच्छी होगी उस देश या राज्य का विकास उतना ही बेहतर होगा


गंगा एक्सप्रेसवे के प्रमुख बिंदु…

Highlights of ganga expressway…..

गंगा एक्सप्रेसवे जो कि देश का दूसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे है इसका शिलान्यास स्वयं प्रधानमंत्री मोदी द्वारा किया गया आपके मन में इस एक्सप्रेस-वे से संबंधित कई सारे प्रश्न आ रहे होंगे। जिसमें मुख्य प्रश्न यह होंगे कि…..

1. गंगा एक्सप्रेसवे के तहत कौन-कौन से जिले आएंगे?

2.गंगा एक्सप्रेसवे कब बनना शुरू होगा?

3.Ganga expressway किस-किस कंपनियों द्वारा बनाया जाएगा? Ganga एक्सप्रेस-वे के तहत कितने गांव आएंगे?

4.GangaExpressway की लंबाई चौड़ाई क्या होगी?

5.GangaExpressway के तहत कितने लेन बनाए जाएंगे?

6.गंगा एक्सप्रेसवे कितने जिलों से होकर गुजरेगा?


7.gangaExpressway की लागत कितनी होगी?

    इन सभी प्रश्नों के जवाब ढूंढने के लिए आइए नीचे के लेख को पढ़ते हैं...

     

  • एक्सप्रेसवे का अनुरक्षण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA)द्वारा संपन्न किया जाएगा।

  • इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 594 किलोमीटर होगी तथा चौड़ाई 120 मीटर होगी।

  • यह एक्सप्रेसवे 6 लेने वाला होगा जबकि जरूरत पड़ने पर इसे आठ लेन में बदला जा सकता है।

  • गंगा एक्सप्रेसवे का अनुमानित लागत 36 करोड़ आएगी।

  • गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के 12 जिलों से होकर गुजरेगा जिनमें मेरठ ,हापुड़ ,बुलंदशहर, अमरोहा, संभल ,बदायूं ,शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव ,रायबरेली ,प्रतापगढ़, प्रयागराज शामिल होंगे।

  • एक्सप्रेस वे का पश्चिमी जंक्शन मेरठ का बिजौली गांव तथा पूर्वी जंक्शन प्रयागराज  के जुदापुर dandu गांव होगा।

  • गंगा एक्सप्रेसवे के गांव से लगे जगहों पर एक्सप्रेसवे के किनारे किनारे 3.75 मीटर की सर्विस रोड यानी फुटपाथ भी बनाया जाएगा ताकि के लोगों को आने जाने में परेशानी ना हो।

  • गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे कुल 519 गांव आएंगे, जिनमें संभल के 31 तथा उन्नाव के 76 गांव में शामिल है

  • एक्सप्रेसवे के बनाने वाली कंपनियों में अदानी समूह तथा आईआरबी शामिल है। जिसमें पहले फेज का एक्सप्रेस वे जो कि  मेरठ से अमरोहा तक है ,उसे आईआरबी पूरा करेगी।जबकि द्वितीय चरण में अमरोहा से प्रयागराज तक काम तीन चरणों में अदानी समूह द्वारा किया जाएगा।


Ganga expressway के बीच आने वाले जिले,..

  • इसमें सुबह की शुरुआत 18 दिसंबर 2021 को शाहजहांपुर से हो गई

  • पूरी तरह से बनने के बाद गंगा एक्सप्रेसवे पश्चिम और पूर्वी क्षेत्रों को जोड़ने वाला उत्तर भारत का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा

  • गंगा एक्सप्रेस वे पर शाहजहांपुर के पास 3 .5 किलोमीटर  लंबी हवाई पट्टी निर्मित की जाएगी ,जो वायुसेना के विमानों की आपात लैंडिंग तथा उड़ान भरने के काम आएगी।(यह उत्तर प्रदेश का तीसरा ऐसा एक्सप्रेस होगा जिस पर हवाई पट्टी निर्मित की गई है)।

  • गंगा एक्सप्रेस वे पर औद्योगिक गलियारा बनाने का भी प्रस्ताव है, जिससे कि संबंधित क्षेत्रों का औद्योगिक विकास बेहतर ढंग से हो सकेगा।

  • एक्सप्रेस-वे के बन जाने से दिल्ली तथा प्रयागराज की दूरी जो अभी 10 से 11 घंटे में तय की जाती थी वह 607 घंटे में ही पूरी कर ली जाएगी।

Ganga expressway पर चलने वाली गाड़ियों की स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा होगी जो भारत में सबसे ज्यादा है।

  • यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे होगा।(भारत का  सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे है, जो कि 1380 किलोमीटर का है, यह 2023 में पूरा होगा)

  • ganga expressway का निर्माण कार्य 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

  • गंगा एक्सप्रेस वे के बनने के बाद यूपी देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य हो जाएगा

  • यूपी में बड़े एक्सप्रेसवे में यमुना एक्सप्रेसवे ,आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे ,पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पहले से संचालित है ,इसके बाद यह गंगा एक्सप्रेसवे बन रहा है ।इसके अलावा भविष्य में बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे ,गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस-वे ,तथा बलिया लिंक एक्सप्रेस वे बनाए जाने की तैयारी है।

  • एक्सप्रेस वे देश का दूसरा बड़ा एक्सप्रेसवे है।जिसकी लंबाई 594 किलोमीटर है।

  • Ganga expressway ko  लेकर यूपी में कुल 7 एक्सप्रेसवे हो गए हैं।

गंगा एक्सप्रेसवे बनने से लाभ….GangaExpressway

देश की तरक्की उसके उस सुचारू कनेक्टिविटी पर निर्भर करती है। अगर किसी राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी होती है ,तो उस राज्य के डेवलपमेंट में काफी सहूलियत होती है ।इसी चीज को ध्यान में रखकर किस देश  या राज्य की सरकारें राज्यों में अच्छी सड़कें उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता दिखा रही हैं। उत्तर प्रदेश में चाहे वर्तमान सरकार हो या पिछली सरकार दोनों ही सरकारों ने राज्य में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बहुत सारे कार्य किए हैं। गंगा एक्सप्रेसवे बन जाने से निम्नलिखित लाभ को देखा जा सकता है….

  • गंगा एक्सप्रेस वे के बन जाने से जहां आद्योगिक गलियारे के विकास उत्पादन कार्यों में वृद्धि आएगी वही लोगों को रोजगार भी प्राप्त होगा।

  • प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा जिससे प्रदेश की आय में वृद्धि आएगी।

  • Ganga expressway के बन जाने से बेहतर कनेक्टिविटी के द्वारा किसान अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकेगा साथ ही साथ उसके फसल की बर्बादी भी कम होगी।

  • Ganga expressway के निर्माण से प्रदेश का व्यापार भी दूसरे राज्यों के साथ काफी बढ़ सकेगा।

  • इसमें अगर कभी युद्ध की स्थिति बनती है तो हवाई पट्टी के निर्माण से गंगा एक्सप्रेसवे का प्रयोग आपातकालीन लैंडिंग में किया जा सकेगा

  • Ganga expressway के बनने से रोजगार का सृजन काफी बड़े जाएगा उदाहरण के लिए ढाबे पेट्रोल पंप ट्रामा सेंटर आदि बनाए जाने से लोगों को रोजगार प्राप्त होगा

  • कुल मिलाकर देखा जाए तो गंगा एक्सप्रेस वे के बनने से प्रदेश के आर्थिक सामाजिक विकास निश्चित होगा।

       इस प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की रीढ़ का काम करते हुए यहां की आर्थिक ,सामाजिक विकास के साथ-साथ सामरिक महत्व को भी बढ़ाने में अपना योगदान सुनिश्चित करेगा।


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