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नवजात शिशु का सम्पूर्ण टीकाकरण... Vaccination of newborn baby..

 नवजात शिशु के लिए आवश्यक टीके…..

Vaccination of newborn baby.....

एक नन्ही सी जान को प्यार, दुलार के अलावा उसका टीकाकरण भी काफी महत्वपूर्ण होता है।जिससे वह न केवल बीमारी और संक्रमण से बचा रहे। बल्कि अपने आने वाले जीवन में एक अच्छा जीवन जी सके। आइए हम आपको आप के बच्चे के लिए आवश्यक टीके के बारे में इस लेख में बताएं। ताकि उसकी टीकाकरण की प्रक्रिया में भी कोई भी टीका मिस ना हो जाए…..


इस लेख में पढ़ें …..

  1. नवजात शिशु को टीके आवश्यक क्यों है?

  2. शिशु को टीके लगने पर होने वाली परेशानी!

  3. जन्म के कुछ वर्षों तक ही इतने सारे 

टीके क्यों लगाए जाते हैं?

  1. एक बच्चे का टीकाकरण को पूरा माना जाता है?

  2. बच्चे के टीकाकरण की संपूर्ण लिस्ट!

  3. बच्चे का टीकाकरण कैसे और कहां करवाएं?

    
     


नवजात शिशु को टीके आवश्यक क्यों है?

टीका हमारे शरीर में संक्रमण से बचने के लिए सुरक्षा कवच प्रदान करता है।जब तक आपका बच्चा मां का स्तनपान कर रहा होता है।तब तक के लिए उसके शरीर में अपने आप एंटीबॉडीज बनती रहती हैं  परंतु जब वह स्तनपान करना बंद कर देता है। तो उसके शरीर में धीरे-धीरे एंटीबॉडीज कम होने लगती है। इसकी पूर्ति हम टीकाकरण के माध्यम से कर सकते हैं। यदि आप के शिशु को किसी बीमारी का टीका लगा हुआ है। तो वह बीमारी आपके शिशु को होने की संभावना काफी कम हो जाती है।यदि पूरे समुदाय का टीकाकरण हो जाता है, तो ऐसे में महामारी को फैलने से रोका जा सकता है। उदाहरण के लिए चेचक और पोलियो जैसी बीमारी टीकाकरण की वजह से ही समाप्त हो सके हैं।


शिशु को टीके लगने पर होने वाली परेशानी क्या होती है?

वैसे तो बच्चे का टीकाकरण करवाने के बाद उसको दर्द,बुखार, चिड़चिड़ापन, पेट खराब होना आदि समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन टीकाकरण आपके बच्चे के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। हो सकता है कि आप टीका लगवाने के बाद अपने बच्चे को दुखी देख करके आपका मन व्यथित हो जाए। लेकिन आपको बच्चे को टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए।


जन्म के कुछ वर्षों तक ही इतने सारे टीके क्यों लगाए जाते हैं?

बच्चे के शुरुआती दिनों में शरीर की प्रतिरक्षा क्षमता    विकसित हो रही होती है। जब तक बच्चा स्तनपान कर रहा होता है। तब तक उसको अपने मां के शरीर से दूध के जरिए एंटीबॉडी मिलती रहती है।परंतु जब बच्चा मां का दूध पीना बंद कर देता है। तो उसके शरीर में एंटीबॉडीज कम होने लगती है। इसलिए आवश्यक होता है, कि बच्चों को जन्म की शुरुआती कुछ दिनों में ही टीके लगवाए जाएं।ताकि उसमें एक बेहतर सुरक्षा प्रणाली बन सके।



एक बच्चे का टीकाकरण कब पूरा माना जाता है?

वैसे तो बच्चे बच्चे का टीकाकरण 2 साल तक रेगुलर चलता रहता है। उसके बाद भी कुछ साल के अंतराल पर या टीके लगते हैं।परंतु एक बच्चे का टीकाकरण संपूर्ण तब माना जाता है। जब बच्चे को जन्म के पहले वर्ष बीसीजी का एक टीका, डीपीटी का 3 टीका, हेपेटाइटिस बी के तीन टीके, पोलियो की तीन खुराक ,खसरे का एक टीका लग जाए,तो बच्चे का टीकाकरण संपूर्ण माना जाता है।


बच्चे के टीकाकरण की संपूर्ण लिस्ट-

    


टीके का नाम

टीका लगने का समय

टीका कहां लगता है

1

बी.सी.जी.

जन्म के समय

बाई ऊपरी बांह में

2

हेपेटाइटिस बी(birth डोज़)

जन्म के समय या 24 घंटे के अंदर

मध्य जांघ के बाहरी हिस्से में

3

ओ.पी.वी.

जन्म के समय या 15 दिन के अंदर

मुंह से

4

ओ.पी.वी.

6 सप्ताह 10 सप्ताह 14 सप्ताह

मुंह से

5

डीपीटी-1,2,3

6 सप्ताह 10 सप्ताह और 14 सप्ताह

मध्य जांघ के बाहरी हिस्से

6

हेपेटाइटिस बी-1,2,3

6 सप्ताह 10 सप्ताह और 14 सप्ताह

मध्य जांघ के बाहरी हिस्से

7

खसरा

9 माह से 12 माह के बीच

दायीं ऊपरी बांह पर

8

विटामिन ए(पहली खुराक)

9 माh पर ,खसरे के टीके के साथ

मुंह से

9

डी.पी.टी.(बुस्टर डोज़)

16 से 24 महीने के बीच

मध्य जांघ के बाहरी हिस्से

10

ओ.पी.वी.(बूस्टर)

16 से 24 महीने के बीच

मुंह से

11

विटामिन ए (दूसरी से 9 डोज़ तक)

16 महीने पे/ प्रत्येक 6 महीने बाद

मुंह से

12

डी.पी.टी.बूस्टर

5-6ईयर

ऊपरी बाँह पर 

13

टी. टी.

10-16ईयर

ऊपरी बाँह पर

14





        


बच्चे का टीकाकरण कैसे और कहां करवाएं-यदि आप अपने बच्चे के टीकाकरण के बारे में और जानकारी चाहते हैं। तो हम आपको बता दें कि आप अपने बच्चे का टीकाकरण प्राइवेट,सरकारी दोनों अस्पतालों में करवा सकते हैं।यदि आप अपने बच्चे का टीकाकरण सरकारी अस्पतालों में करवाना चाहते हैं। तो वहां पर सरकार द्वारा चलाए जा रहे फ्री में टीकाकरण करवा सकते हैं। जिसके लिए आप को आशा  एवं  A.N.M.आदि कार्यकर्ता द्वारा मदद प्रदान की जाएगी।जबकि आप अपने बच्चे का टीकाकरण प्राइवेट अस्पताल में करवाना चाहते हैं।तो वहां पर आपको टीकाकरण के लिए पैसे देने पड़ेंगे।हम आपको यहां पर एक और बात क्लियर कर दें,कि यदि आप प्राइवेट अस्पताल में बच्चे का टीकाकरण करवा रहे हैं। तो अलग-अलग अस्पतालों में टीके का कॉन्बिनेशन अलग अलग होता है।तो हो सकता है कि आपको थोड़ी कन्फ्यूजन हो।


अतः आप अपने बच्चे के बेहतर भविष्य और स्वास्थ्य के लिए टीकाकरण के लिए अवश्य ले जाएं। तथा सारी टीके समय से लगवा कर उसको एक बेहतर नींव प्रदान करें। आशा है कि आप के लिए यह ब्लॉक उपयोगी सिद्ध  होगा। आप अपने सुझाव और कमेंट हमें अवश्य दें।

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